121 जांबाज पुलिस अफसरों को गृहमंत्री पुरस्कार

News Desk

नई दिल्ली
साल 2013 में लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का खुलासा करने वाले सीबीआई अधिकारी एएएसपी सुभाष रामरूप सिंह समेत कुल 121 पुलिसकर्मियों को गृहमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार ऐसे केस में शानदार जांच करके नतीजे तक पहुंचने के लिए दिए जाएंगे। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका ऐलान किया।

साल 2018 में ही इन पुरस्कारों की शुरुआत हुई थी। इसका मकसद है कि क्राइम केस में जांच के स्तर को ऊंचा किया जाए और ऐसा करने वालों को पहचान मिले। जिन पुलिसकर्मियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, उसमें सीबीआई के 15, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस के 10-10, यूपी पुलिस के आठ, पश्चिम बंगाल और केरल पुलिस के सात-सात और अन्य राज्यों की पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। 121 में कुल 21 महिला अधिकारी भी हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों को दी बधाई
पुलिस अधिकारियों को बधाई देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा है, 'न्याय देने के लिए संपूर्ण और विस्तृत जांच की अहम भूमिका होता है। मैं 'मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन-2020' से सम्मानित होने वाले लोगों को बधाई देता हूं। यह हमारे उन पुलिसकर्मियों का सम्मान है जो शानदार काम कर रहे हैं। भारत को उनपर गर्व है।'

पुणे में 2013 में नरेंद्र दाभोलकर को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच एएसपी सुभाष रामरूप सिंह ने की थी और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को ठाणे क्रीक से बरामद किया था। इसी मामले की जांच के आधार पर कन्नड़ लेखक एम एम कलबुर्गी, पत्रकार गौरी लंकेश और कम्युनिस्ट नेता गोविंद पंसारे की हत्या के भी लिंक मिले।

जया भारती मर्डर केस के अधिकारी को भी सम्मान
रांची के इन्स्पेक्टर परवेज आलम ने इंजिनियरिंग स्टूडेंट जया भारती मर्डर केस की जांच की थी। जया का शव उनके कमरे में पाया गया था। आलम ने डंप डेटा लिस्ट से 300 लोगों के नंबर निकाले, उसमें से 150 लोगों से पूछताछ की। 11 लोगों के ब्लड सैंपल लिए। बाद में जया का रेप और मर्डर करने वाले शख्स का पता लगा, जोकि मोबाइल चोरी के केस में लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और जेल में था।

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