भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी नक्शे को बताया बेतुका, विदेश मंत्रालय ने कहा- इसकी कोई वैधता नहीं

News Desk

नई दिल्ली
पाकिस्तान ने उकसावे की कार्रवाई के तहत मंगलवार (4 अगस्त) को एक नया ''राजनीतिक मानचित्र" जारी किया जिसमें उसने पूरे जम्मू-कश्मीर और गुजरात के कुछ हिस्सों को अपना क्षेत्र बताया। उसकी इस कार्रवाई पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जताई और इसे ''हास्यास्पद" बताया जिसकी न तो कानूनी वैधता है न ही अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में बयान जारी कर कहा, ''हमने पाकिस्तान का एक तथाकथित 'राजनीतिक मानचित्र' देखा है जिसे प्रधानमंत्री इमरान खान ने जारी किया है। यह राजनीतिक मूर्खता का काम है जिसमें भारत के राज्य गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख पर बेतुका दावा किया गया है।' इसने कहा, ''इन मूर्खतापूर्ण बातों की न तो कोई कानूनी वैधता है न ही अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। वास्तव में यह नया प्रयास केवल यही पुष्टि करता है कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के माध्यम से क्षेत्र को हासिल करने के लिए व्याकुल है।" इससे पहले नेपाल की तरह पाकिस्तान ने भी नया राजनीतिक नक्शा जारी करते हुए भारतीय इलाकों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और गुजरात के जूनागढ़ को अपने नक्शे में शामिल किया है। इमरान खान की सरकार ने मंगलवार को देश के नए राजनीतिक नक्शे पर मुहर लगाई। पाकिस्तान सरकार ने यह कदम भारत सरकार की ओर से पिछले साल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर उठाया है। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने इन इलाकों को अपने नक्शे में दिखाया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले के बाद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी संग देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की ओर से आज इस पर मुहर लगाए जाने के बाद यह देश का आधिकारिक नक्शा है। इसे स्कूल और कॉलेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को नक्शे में दिखाते हुए लिखा है कि यह विवादित इलाका है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत अंतिम फैसला होगा। इमरान खान ने कहा, ''पाकिस्तान ने हमेशा चाहा है कि कश्मीर देश का हिस्सा हो, यह इस दिशा में पहला कदम है।'' हालांकि, कई बार भारत के साथ युद्ध में मात खा चुके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह राजनीतिक संघर्ष करेंगे, सैन्य समाधान में उनका विश्वास नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गिलगित बाल्टिस्तान सहित सियाचिन को भी अपने देश का हिस्सा बताया और कहा कि हमारा गंतव्य श्रीनगर है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व के फाटा क्षेत्र को खैबर पख्तूनख्वाह  से जोड़ दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाने को लेकर पूरा जोर लगा लिया, लेकिन उसे हर जगह निराशा ही हाथ लगी।

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