सरकार ने मंगलवार को व्हाट्सएप को उनके मैसेजिंग एप के जरिए देश में फैल रही अफवाहों को लेकर उन्हें कड़ी चेतावनी दी थी। सरकार ने व्हाट्सएप के जरिए फर्जी तस्वीरें, वीडियो और खबरों पर रोक लगाने के लिए एप में बदलाव करने को कहा था।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ‘हमने व्हाट्सएप को नोटिस जारी किया था। व्हाट्सएप ने नोटिस पर जवाब भी दिया है। जिसमें कहा गया है कि उन्होंने व्हाट्सएप में एक फीचर जोड़ा है जिसमें बिना ग्रुप एडमिन की इजाजत के बिना ग्रुप का कोई भी सदस्य ग्रुप में मैसेज नहीं कर पाएगा। व्हाट्सएप ने यह भी कहा कि वे यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि मैसेज को पढ़े और समझे बिना ही फॉरवर्ड न किया जाए।
आईटी मंत्री ने कहा ‘हमने पाया है कि व्हाट्सएप पर गलत और उत्तेजक सूचनाएं हिंसा को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। ऐसे में व्हाट्सएप को इन सबके लिए जवाबदेह होना होगा।
वहीं व्हाट्सएप के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में बुधवार को कहा गया कि उन्हें अपने यूजर्स की फिक्र है। उनकी सुरक्षा के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही वह भारत में व्हाट्सएप पर स्पैम मेसेज पर रोक लगाने में सफल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह भारत में एकेडमिक एक्सपर्ट्स के साथ व्हाट्सएप के गलत उपयोग को कंट्रोल करने पर काम कर रहे हैं।
समाज, सरकार और आईटी कंपनियों को मिलकर करना होगा काम
व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि भीड़ द्वारा एक मेसेज को पढ़कर किसी व्यक्ति कि हत्या कर देना काफी दर्दनाक घटना है। ऐसी घटनाएं भयावह और जघन्य है। इनसे निपटने के लिए सरकार, सोसाइटी और आईटी कंपनियों को साथ मिलकर ऐसी ख़बरों पर रोक लगाने के लिए काम करना होगा।
विभिन्न राज्यों में 20 से ज्यादा लोगों गवां चुके हैं जान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मेसेज और वीडियो के चलते गत दिनों में 20 से अधिक लोग अपनी जान गवां बैठे हैं। इसमें महाराष्ट्र के धुले जिले में ग्रामीणों ने बच्चा चोरी के शक में पांच लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया। उधर झारखंड में भी इसी मेसेज को पढ़ कर लोगों ने सात लोगों की हत्या कर दिया। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में ऐसी वारदात होने से सरकार और सोशल मीडिया कंपनियां दंग हैं।
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