बंगाल के सेक्युरिटी एजेंसी के मालिक ने 5 लाख में सुपारी देकर अपने सुपरवाइजर को गोली मरवा दिया, पुलिस अपने ही बनाये कानून -पसारा- का पालन नही कर पा रही ,आरोपी मास्टर माइंड गिरफ्तार

News Desk

बिलासपुर स्मार्ट सिटी में बिना लाइसेंस के सेक्युरिटी का बिजनेस करने वालो की बाढ़ आ गई है । अपराधी किस्म के लोग बिहार, उत्तरप्रदेश ,बंगाल से आ कर सिक्युरिटी एजेंसी चला कर पैसा कमा कर मालामाल हो रहे है पुलिस भी हाथ मे हाथ डाले बैठी है सेक्युरिटी एजेंसी की लाइसेंस की कड़ाई से जांच नही कर रही जिसका नतीजा पिछले दिनों सेक्युरिटी एजेंसी के मालिक ने सुपरवाइजर के द्वारा रुपये के लेनदेन विवाद और खुद का सिक्युरिटी एजेंसी खोलकर कर मालिक का काम खराब करने के विवाद में सुपारी देकर गोली मरवा कर हत्याकर दिया । आज बिलासपुर पुलिस ने विजिलेंस सेक्युरिटी एजेंसी के मालिक को बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है ।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 10 अप्रेल की रात्रि अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी जिसपर पुलिस ने पंचनामा कर मर्ग कायम किया था तथा लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि मृतक व्यक्ति के सर पिस्टल से गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में पुलिस को विवेचना के दौरान बड़ी सफलता मिली और हत्यारो को पश्चिम बंगाल से पकड़ कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियो द्वारा सुपारी किलर जिस व्यक्ति को मारने आये थे उस व्यक्ति के नही मिलने के कारण मृतक को टारगेट किया गया।

ज्ञात हो कि सिरगिट्टी थानान्तर्गत 10 अप्रेल 2018 की रात फादहखार महमंद बाईपास मुख्यमार्ग पर अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी जिसकी पहचान शंकर नगर बिलासपुर निवासी शंकर प्रसाद पिता राम तपेश्वर उम्र 43 के रूप में हुई थी। डॉक्टरों द्वारा मृतक के पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण सिर पर गंभीर चोट पहुंचकर हत्या करना पाया गया जिसके बाद इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने लगातार प्रयास कर रही थी पुलिस विवेचना में पाया गया कि मृतक वर्ष 2010 में आसनसोल,पश्चिम बंगाल निवासी प्रभुनाथ सिंह की सिक्युरिटी एजेंसी में सुपरवाईजर के पद पर काम करता था जहाँ वर्ष 2017 में प्रभुनाथ सिंह से रुपये लेन-देन के हिसाब- किताब में विवाद हो गया था जिसके बाद मृतक शंकर बिलासपुर में पार्टनर संजय सोनी के साथ मिलकर स्वमं की सिक्युरिटी एजेंसी चलाने लगा जिससे प्रभुनाथ सिंह को लाखों रुपये का नुकसान हो गया इस बात से नाराज़ प्रभुनाथ सिंह शंकर प्रसाद को रास्ते से हटाने के लिए सिवान जेल में बंद परिचित हरीश पासवान से संपर्क किया और शंकर को मारने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बातचीत किया एवं काम को अंजाम देने के लिए बीच के सारा खर्च व्यवस्था किया लेकिन प्रभुनाथ सिंह किसी अन्य व्यक्ति को मरवाने के लिए सुपारी किलरो को बिलासपुर बुलाया जहाँ सिवान जेल में बंद हरीश पासवान अपने शूटर आरोपी बलिया निवासी मिथलेश सिंह, विमल उर्फ विमलेश सिंह, बाबू पाण्डे को बिलासपुर पहुंच टारगेट व्यक्ति की तलाश करने लगा लेकिन उसके नही मिलने से इरादा बदलते हुए उनलोगों ने अपनी योजना में परिवर्तन कर घटना वाले दिन मृतक को योजनाबद्ध तरीके से उठाकर फदहाखार के जंगलों में पिस्टल से सिर पर गोली मारकर हत्या कर डाली और लाश को सड़क पर छोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर के निर्देश पर सीएसपी नसर सिद्दीकी द्वारा उप निरीक्षक राम नरेश गौतम के नेतृत्व में विजिलेंस सिक्युरिटी एजेंसी संचालक प्रभुनाथ सिंह को गिरफ्तार करने के लिए आसनसोल पश्चिम बंगाल में मुख्य आरोपी के घर पर दबिश देकर पकड़ा गया तथा आरोपी के पास से उसके मोबाईल को जब्त कर आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर आज बिलासपुर लाया गया जिसे कल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

मामले का खुलासा करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने बताया कि मृतक शंकर प्रसाद के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को भी टारगेट किया गया थस जिसके नही मिलने से सुपारी किलर व साथियो ने मृतक को मारने का टारगेट किया। सुपारी किलर को पकड़ने के लिए पुलिस को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा क्योंकि आरोपियो के क्षेत्र में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी जबकि सभी आरोपियों के ऊपर पूर्व में हत्या के अन्य मामलों में मुख्य भूमिका रही है तथा बहुत से केस पेंडिंग है।

मालूम हो कि स्मार्ट सिटी बिलासपुर में बिना लाइसेंस पसारा के सेक्युरिटी का बिजनेस करने वालो की बाढ़ आ गई है । अपराधी किस्म के लोग बिहार, उत्तरप्रदेश ,बंगाल से आ कर अनाधिकृत रूप से सिक्युरिटी एजेंसी चला कर पैसा कमा रहे है पुलिस भी हाथ मे हाथ डाले बैठी है सेक्युरिटी एजेंसी की लाइसेंस की कड़ाई से जांच नही कर रही जिसका नतीजा पिछले दिनों सेक्युरिटी एजेंसी के मालिक ने सुपरवाइजर के द्वारा रुपये के लेनदेन विवाद और खुद का सिक्युरिटी एजेंसी खोलकर कर मालिक का काम खराब करने के विवाद में सुपारी देकर गोली मरवा कर हत्याकर दिया अगर पुलिस समय रहते अपने ही बनाये कानून पसारा का सही ढंग से पालन करती तो बिलासपुर में सुपारी किलिंग व हत्या जैसा घटना नही होती ।

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