राजधानी रायपुर में फर्जी होम लोन गिरोह का पर्दाफाश..यूनियन बैंक , ओवरसीज बैंक में फर्जी दस्तावेज लगा कर 25 प्रकरण में 10 करोड़ से ज्यादा ठगी करने वाले फर्जी लोन गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार..

Dilshad Ali

रायपुर

राजधानी रायपुर में एसएसपी आरिफ शेख के निर्देश पर पुलिस टीम ने यूनियन बैंक एवं ओवरसीज बैंक से फर्जी आवास लोन कराकर 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले फर्जी लोन गिरोह के 9 सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है ,पुुुलिस जांच में अभी गिरोह के कई फरार सदस्य और गिरफ्तार होंगे एवं फर्जी् लोन का आंकड़ा भी बढ़नेे की संभावना है ।

एसएसपी आरिफ शेख ने आज पुलिस कंट्रोल में पत्रकारों से फर्जी लोन गिरोह का भंडाफोड़ करते बताया कि यूनियन बैंक की शाखा सिविल लाईन, ओवरसीज बैंक देवेन्द्र नगर, आजाद चैक, खम्हारडीह में अब तक 25 फर्जी लोन के प्रकरणों के संबंध में मिली है जानकारी।


 कुल 25 प्रकरणों में 10 करोड़ से उपर की कर चुके है बैंक के साथ ठगी।
 अलग – अलग तरीके वारदात से बहुत ही शातिर तरीके से देते थे लोन ठगी की घटना को अंजाम।
 गिरोह का सरगना टी सुशील राव एवं सुनील सोनी शिवानंद नगर खमतराई के है निवासी।
 टी सुशील राव फर्जी दस्तावेज बनाने का करता है काम।
 आरोपी सुनील सोनी बैंक से लोन पास कराने का करता है काम।
 आरोपी टी श्रीधर रेलवे कर्मचारियों के ओरिजनल दस्तावेजों की व्यवस्था करने का करता है काम।
 एक ही व्यक्ति ने अलग – अलग बैंक से अलग – अलग नामों से ले रखा है लाखों का लोन।
 नाम किसी और का, फोटो किसी और का एवं फर्जी रजिस्ट्री पेपर लगाकर कराते थे बैंक से लोन पास।
 फर्जी रेलवे कर्मचारी बनाकर भी कराया है लोगों के नाम से लोन स्वीकृत।
 थाना सिविल लाईन, देवेन्द्र नगर, खम्हारडीह एवं आजाद चैक में किया जा रहा है आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध।
 लोन स्वीकृत कराने में शामिल बैंक के सभी कर्मचारियों के भूमिका की, की जा रही है विस्तृत जांच एवं भूमिका संदिग्ध पाये जाने पर संबंधित बैंक कर्मी के विरूद्ध भी की जायेगी वैधानिक कार्यवाही।
 वैल्यूर एवं सर्च रिपोर्ट तैयार करने वाले व्यक्तियों के भूमिका की भी की जा रही है विस्तृत जांच।
 विगत 03 वर्षो से आरोपी दे रहे थे इसी तरह से घटना को अंजाम।
 बहुत से ऐसे लोगों के नाम से कराया गया है लोन स्वीकृत जिन्हें जानकारी नहीं है कि उनके नाम से बैंक द्वारा किया गया है लोन स्वीकृत।
 आरोपी टी सुशील राव फर्जी दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र, फर्जी रेलवे पे-स्लिप एवं फर्जी आई डी कार्ड बनाने का करता था काम।
 प्रकरण की विवेचना एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु किया गया है विशेष टीम का गठन।
 फर्जी लोन के सभी प्रकरण मुख्यतः रेलवे कर्मचारियों से है संबंधित।
 आरोपियों से थाना सिविल लाईन के प्रकरण में 2,76,500/- नगद किया गया है जप्त।
 एक फर्जी लोन पास कराने के टी सुशील राव 03 लाख एवं सुनील सोनी 02 लाख रूपये तक लेते थे कमीशन।
 आरोपियों के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 147/2020 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि., थाना आजाद चैक में अपराध क्रमांक 88/20 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि., थाना देवेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 35 /20 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि. एवं थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 54/20 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि. का अपराध किया गया है पंजीबद्ध।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रार्थी शशांक शेखर मिश्रा शाखा प्रबंधक युनियन बैंक आफ इण्डिया शंकर नगर शाखा रायपुर ने थाना सिविल लाईन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि युनियन बैंक आफ इंडिया शंकर नगर शाखा में हाउसिंग ऋण नए मकान खरीदने हेतु क्रमशः बाई हर्षवती, संगीता साहू, पद्माकर साहू, संस्कृति ठाकुर एवं इंदु गुप्ता को स्वीकृत एवं वितरित किये गए, इनमें से प्रथम ऋण प्रकरण बैंक के सामान्य हाउसिंग लोन योजना के तहत दिया गया है, जबकि शेष चारों प्रकरण प्रधान मंत्री आवास योजना में दिए गए है. सर्वप्रथम कृष्ण शंकर मिश्रा उर्फ साजन मिश्रा जो बैंक के एक सूचीबद्ध मूल्यांकनकर्ता श्री रवि पाण्डेय के कर्मचारी है एवं जिसका संपत्तियों के मूल्यांकन के सम्बनध में हमारे बैंक की शाखाओं में आना जाना होता है, सुनील सोनी (मोबाईल क्रम. 6266122576) को बैंक के खुदरा ऋण केंद्रीकृत प्रोसेसिंग केंद्र शाखा में लाया एवं परिचित कराया गया था. सनील सोनी ने खुद को रेलवे कर्मी बताते हुए कहा कि उन्होने इंडियन ओवरसीज बैंक के शंकर नगर शाखा में हाउसिंग लोन लिया है। सुनील सोनी द्वारा उपरोक्त कृष्ण शंकर उर्फ साजन मिश्रा के साथ शाखा में आकर रेलवे में काम करने वाले अपने अन्य सहकर्मियों के लिए हाउसिंग लोन की बात की गई. बैंक शाखा द्वारा ऋण हेतु पात्रता होने पर स्वीकृति की बात कहने पर सुनील सोनी द्वारा उपरोक्त पांच व्यक्तियों को बैंक में लाया गया तथा उन्होंने अपने अपने पात्रता सम्बन्धी प्रमाण जैसे फोटो, सेलरी स्लिप, पहचान पत्र आदि प्रस्तुत किया। ऋण स्वीकृति से पहले बैंक अधिकारी को सुनील सोनी डीजल लोको शेड तथा एचपीपी दृप्प् विभाग ॅत्ै कालोनी लेकर गया था जहां जाकर उसने अन्दर प्रवेश हेतु अपने रेलवे कर्मचारी पहचान पत्र दिखाया था एवं ऋण प्रदान पूर्व आवश्यक छानबीन (कनम कपसपहमदबम) करने में बैंक अधिकारी की सहायता की, उपरोक्त कार्यवाही के दौरान वहां सभी ऋण आवेदक मौजूद थे तथा उनके रेलवे कर्मी होने का सत्यापन वहां उपस्थित एक कर्मचारी ई श्रीधर उर्फ रेड्डी एवं एक अन्य कर्मचारी रमन्ना द्वारा किया गया. बाद में भी ई श्रीधर उर्फ रेड्डी उक्त ऋणियों के साथ एक से अधिक बार बैंक की न्स्च् शाखा भी आये थे. बैंक शाखा द्वारा रेलवे के आधिकारिक पोर्टल ैम्ब्त् कार्मिक पोर्टल’ से जाकर सभी आवेदकों के बायोडाटा निकाले गए जो उनके द्वारा आवेदन के समय दिए गए विवरणों के अनुरूप थे. स्वीकृति पूर्व छानबीन के दौरान बैंक अधिकारी द्वारा आवेदक वाई हर्षवती (निवासी फ्लेट नंबर 305, सेक्टर 29, नया रायपुर), संगीता साहू (निवासी खसरा नंबर 247/20, पटवारी हल्का 108ध्38, सेक्टर 3, यादव गौशाला के पास,शिवानंद नगर,रायपुर) और संस्कृति ठाकुर (निवासी पुत्री श्री राधेलाल ठाकुर, सुन्दर नगर तालाब के पास, रोहिणीपुरम रायपुर) के निवास स्थान का सत्यापन हेतु उनके घरों का दौरा भी किया गया था. दौरे के समय संगीता साहू उसी मकान में रह रही थी जिसे उसके द्वारा खरीदना प्रस्तावित था. बैंक अधिकारी द्वारा पूछने पर उसके द्वारा यह बताया गया कि पूर्व परिचय की वजह से विक्रेता श्री शरद चंद्रा ने खरीदी पूर्व ही आवेदिका को वहां रहने की अनुमति दी थी. संगीता साहू के निवास के निरीक्षण के दौरान सुनील सोनी भी वहां पहुंच गया था. ऋण स्वीकृति से पहले न्स्च् शाखा द्वारा निर्धारित सूचीबद्ध वकील (मउचमदंससमक ंकअवबंजम) श्री डी के अग्रवाल से सभी प्रकरणों में विधिक रिपोर्ट तथा सूचीबद्ध मुल्यांकनकर्ता (मउचंदमससमक टंसनमत) श्री रवि पाण्डेय से मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त किया गया. खुदरा ऋण केंद्रीकृत प्रोसेसिंग केंद्र (न्स्च्) शाखा, रायपुर द्वारा बैंक के गाइडलाइन्स के अनुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए उपरोक्त पांचो ऋण स्वीकृत तथा बैंक की ही शंकर नगर शाखा द्वारा उचित दस्तावेजीकरण के उपरान्त संवितरित किये गए. प्रथम दो प्रकरणों वाई हर्षवती एवं संगीता साहू में राशि का भुगतान मकान के विक्रता शरद चंद्रा निवासी ब्रम्हदेव पारा, खमतराई रायपुर को तथा शेष तीन प्रकरणों पद्मवार साहू, संस्कृति ठाकुर एवं इंदु गुप्ता में राशि का भुगतान मकान के विक्रेता प्रकाश कुमार दरयानी निवासी रविग्राम, तेलीबांधा रायपुर को किया गया. विक्रेता शरद चंद्रा द्वारा विक्रय किये दोनों मकान शिवानन्द नगर, वीर शिवाजी वार्ड रायपुर में स्थित है. जबकि विक्रेता प्रकाश कुमार दरयानी द्वारा बेचे गए मकान गोंदवारा, वार्ड नंबर क्रं. छरू रायपुर में है. ऋणराशि का संवितरण करते समय बैंक के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विक्रेता के पक्ष में अलग अलग डिमांड ड्राफ्ट बनाए गए तथा उनका पूर्ण विवरण सम्बधित ऋणी द्वारा अपनी अपनी रजिस्ट्री में दर्ज कराया गया. रजिस्ट्रार आफिस से मूल रजिस्ट्रियां प्राप्त होने के बाद ही शंकर नगर शाखा द्वारा उन डिमांड ड्राफ्ट को उक्त विक्रेताओं को सुपुर्द किया गया. उपरोक्त में से वाई हर्षवती तथा संगीता साहू के ऋण से जारी डिमांड ड्राफ्ट क्रमशः क्रं. 34114650 दि. 17ध्10ध्2019 रू. 22,40,000ध्- पप) क्क् क्रं. 34114649 दि. 17ध्10ध्2019 रू. 17,60,000ध्- शरद चंद्रा द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक, जी ई रोड शाखा के अपने खाता में जमा कराया गया. पद्माकर साहू, संस्कृति ठाकुर एवं इंदु गुप्ता के ऋण से जारी डिमांड ड्राफ्ट क्रमशरू पपप) क्क् क्रं. 34114669 दि. 23ध्10ध्2019 रू. 25,60,000ध्- पअ) क्क् क्रं. 34114704 दि. 16ध्11ध्2019 रू. 25,00,000ध्- तथा अ) क्क् क्रं. 34114703 दि. 16ध्11ध्2019 रू. 25,00,000ध्- प्रकाश कुमार दरयानी द्वार इंडियन ओवरसीज बैंक, शंकर नगर शाखा के अपने खाता में जमा किये गए. इंडियन ओवरसीज बैंक, शंकर नगर शाखा द्वारा क्लियरिंग के माध्यम से उपरोक्त डीडी क्रं. प) एवं पप) का भुगतान 19ध्10ध्2019 को पपप) का भुगतान 28ध्10ध्2019 को तथा पअ) और अ) का भुगतान 22ध्11ध्2019 युनियन बैंक से प्राप्त कर शरद चंद्रा खाता क्रमांक 298501000004240 और प्रकाश कुमार दरयानी खाता क्रमांक 289101000002036 में जमा कराया गया. बैंक के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की अनुपालना में शंकर नगर शाखा द्वारा विक्रेताओं से प्राप्त मूल राजिस्ट्रियों की जांच हेतु बैंक के सूचीबद्ध वकील सूश्री राधारानी गुप्ता को निर्देशित किया गया एवं सब रजिस्ट्रार आफिस से मूल रजिस्ट्रियों की सर्टिफाइड प्रतियां लेने को कहा गया. सूचीबद्ध वकील द्वारा एतदससम्बन्धी जानकारी हेतु सब रजिस्ट्रार आफिस रायपुर में आवेदन दिया गया था. सब रजिस्ट्रार रायपुर ने 16ध्12ध्2019 को उक्त आवेदन पर लिखे नोट में कहा गया है कि उक्त रजिस्ट्रियां उनके आफिस में रजिस्टर्ड नहीं है. बैंक में प्रस्तुत रजिस्ट्रियों में उल्लेखित टोकन नंबर एवं दिनांक के अनुसार उक्त रजिस्ट्रियां सब रजिस्ट्रार आफिस रिर्काड में किसी अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज है. धोखाधडी की आशंका को देखते हुए शंकर नगर शाखा प्रबंधक तथा न्स्च् शाखा हेड द्वारा आरोपी ऋणियों के आफिस तथा घर के पतों पर सत्यता जानने का प्रयास किया गया. छानबीन करने पर पाया गया कि उपरोक्त रेलवे कर्मी वे नहीं है उन्होंने बैंक से ऋण लेने मामले में अज्ञानता प्रकट की और कहा कि उनके दस्तावेजों से छेडछाड कर अन्य लोगों ने बैंक ऋण प्राप्त किया. इस सम्बन्ध में हम ये सूचित करना चाहते है कि ई श्रीधर उर्फ रेड्डी ने हमारे पास उपलब्ध रिर्काड के अनुसार ऋणियों के रेल कर्मी होने की पुश्टि की एवं सभी के फोटो की भी पहचान की. ई श्रीधर उर्फ रेड्डी पूर्व में बैंक इन्हीं ऋणियों के साथ आया था जिसका ब्ब्ज्ट फुटेज बैंक में सुरक्षित है. आगे अधोहस्ताक्षरी द्वारा श्री प्रकाश कुमार दरयानी (निवासी रवि ग्राम, तेलीबांधा रायपुर ) तथा श्री शरद चंद्रा (निवासी 5ध्212, ब्रम्हदेइ पारा , खमतराई, रायपुर) से संपर्क करने पर उन्होंने यह बताया कि वे अपनी अपनी जमीन पहले ही बेच चुके है. इस सम्बन्ध में यह भी सूचित करना चाहते है कि हमारे रिकार्ड के पुनरावलोकन पर इस बात की पुष्टि हुई है कि नगर निगम, रायपुर द्वारा उपरोक्त सभी भवनों के निर्माण हेतु भवन निर्माण अनुज्ञा विक्रेताओं के नाम से ही डी गई है. साथ ही बैंक के सूचीबद्ध वकील श्री डी के अग्रवाल द्वारा डी गई सर्च रिपोर्ट के अनुसार उपरोक्त सभी जमीन के टुकडे भू रिकार्ड तथा राजस्व रिकार्ड में अब भी विक्रेताओं के नाम पर है. उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि कथित पांचों ऋणियों क्रमशरू वाई हर्षवती, संगीता साहू, पद्माकर साहू, संस्कृति ठाकुर एवं इंदु गुप्ता द्वारा ई श्रीधर, सुनील सोनी एवं अन्य समबंधित के साथ मिलकर दस्तावेजों की कूट रचना करते हुए बैंक के साथ धोखाधडी और अमानत में खयानत की गई है. पांचो ऋणियों के बैंक खाते से संबंधित विवरण निम्नानुसार है 1.ऋणि का नाम वाई हर्षवती मोबाईल क्रमांक 6260674865 खाता क्रमांक 540906650000253 स्वीकृति दिनांक 14.10.2019 विरण दिनांक 17.10.2019 राशि सवितरित लाख में 26.00 2. ऋणि का नाम संगीता साहू मोबाईल क्रमांक 8223050613 खाता क्रमांक 540906800000010 स्वीकृति दिनांक 15.10.2019 विरण दिनांक 17.10.2019 राशि सवितरित लाख में 17.60 3. ऋणि का नाम पद्माकर साहू मोबाईल क्रमांक 8269816430 खाता क्रमांक 540906800000011 स्वीकृति दिनांक 21.10.2019 विरण दिनांक 23.10.2019 राशि सवितरित लाख में 25.76 4. ऋणि का नाम संस्कृति ठाकुर मोबाईल क्रमांक 9589092070 खाता क्रमांक540906800000013 स्वीकृति दिनांक 16.11.2019 विरण दिनांक 16.11.2019 राशि सवितरित लाख में 25.00 5. ऋणि का नाम इंदु गुप्ता मोबाईल क्रमांक 9171302198 खाता क्रमांक 540906800000014 स्वीकृति दिनांक 14.11.2019 विरण दिनांक 16.11.2019 राशि सवितरित लाख में 25.00 का फर्जी लोन स्वीकृत कराया गया है। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 147/2020 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
इसी तरह से आरोपियों द्वारा थाना देवेन्द्र नगर, खम्हारडीह एवं थाना आजाद चैक क्षेत्र स्थित बैंक यूनियन बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंकों से भी मकान खरीदने हेतु फर्जी लोन स्वीकृत कराया गया है। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना देवेन्द्र नगर, खम्हारडीह एवं थाना आजाद चैक में भी अपराध पंजीबद्ध किये गये है।
मामले की गंभीरता को देखते हुये श्रीमान् पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ एच शेख द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री पंकज चन्द्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक उरला श्री अभिषेक माहेश्वरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई जिसमें उप पुलिस अधीक्षक सुश्री कल्पना वर्मा, थाना प्रभारी सिविल लाईन श्री सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी आजाद चैक श्री के के वाजपेयी, थाना प्रभारी देवेन्द्र नगर श्री नरेन्द्र बंछोर, थाना प्रभारी खमतराई श्री रमाकांत साहू, थाना प्रभारी खम्हारडीह श्रीमती ममता अली शर्मा, उप निरी. श्री विनोद कश्यप, उप निरी. श्री अशोक मिश्रा एवं उप निरी. श्री कमल शर्मा की विशेष टीम का गठन करते हुये बैंकों से प्राप्त आवेदनों की जांच का जिम्मा सौंपा। टीम द्वारा आवेदनों की जांच करते हुये बैंकों से फर्जी लोन संबंधी सारे दस्तावेज एकत्रित कर दस्तावेजों का अवलोकन प्रारंभ किया। अवलोकन से बहुत ही चैंकाने वाली जानकारी प्राप्त हुई कि गिरोह के द्वारा लोन स्वीकृत कराने हेतु नाम किसी और का एवं फोटो किसी अन्य व्यक्ति का एवं फर्जी रजिस्ट्री पेपरों का उपयोग किया गया है साथ ही कुछ – कुछ प्रकरणों में लोन स्वीकृत कराने हेतु व्यक्तियों को फर्जी रेलवे कर्मचारी बनाकर दिखाया गया है तथा कुछ प्रकरणों में मकान लेने हेतु लोन स्वीकृत कराया गया है किंतु मकान न लेकर मकान खरीदी के फर्जी दस्तावेज लगाये गये है। टीम द्वारा उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने पर लोन ऐजेंट सुनील सोनी को हिरासत में लिया गया एवं उससे प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना सिविल लाईन के प्रकरण में आरोपी दोषपति श्रीधर, रमन्ना नाडूपुड, इंदूपति श्रीधर एवं आंकलनकत्र्ता कृष्णा शंकर मिश्रा, थाना खम्हारडीह के प्रकरण में आरोपी दोषपति श्रीधर, रमन्ना नाडूपुडू, सुनील सोनी, रामकरण बाघमारे एवं प्रणय सखारे थाना आजाद चैक के प्रकरण में तथा थाना देवेन्द्र नगर के प्रकरण में आरोपी सुनील सोनी, दोषपति श्रीधर, प्रणय सखारे एवं अन्य तथा आजाद चैक के प्रकरण में आरोपी दोषपति श्रीधर, इमरान खान, रमन्ना नाडूपुडू एवं अन्य को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से नगदी 2,76,500/- रूपये जप्त किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाकर अन्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जायेगी।
गिरफ्तार आरोपी 01.दोषपति श्रीधर रायपुर 02. रमन्ना नाडूपुडू 03. सुनील सोनी 04. प्रणय सखारे 05. रामकरण बाघमारे 06. इमरान खान 07. इंदूपति श्रीधर 08. कृष्णा शंकर मिश्रा 09. सुशील राव।

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