विक्रम विश्वविद्यालय में 700 विद्यार्थियों ने ही लिया दाखिला

News Desk

उज्जैन
मध्य प्रदेश के टॉप विश्वविद्यालयों की सूची में शुमार उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से जुड़ी परीक्षाओं के परिणामों में हुई लापरवाही से विश्वविद्यालय ने लोगों के बीच अपनी साख गिराई है। पहले 'डिप्लोमा इन योग' की परीक्षा, फिर बीकॉम के पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा और अब प्रथम वर्ष की परीक्षा के रिजल्ट में अंक देने में हुई गड़बड़ी का असर यह है कि इस साल स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की 2500 सीटों पर सिर्फ 700 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

परिणामों में हुईं गलतियां, 25 में से 42 अंक दे दिए

गत वर्ष 22 मई 2019 को पीजी डिप्लोमा इन योग के फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। इसमें प्रोजेक्ट प्रस्तुतिकरण में प्रिया पाठक को 25 में से 42 अंक मिले। कुछ को 42, 45 अंक भी दिए गए। तब कुलसचिव डॉ. डीके बग्गा ने कहा था कि परिणाम सुधारा जाएगा। परिणाम सुधर गया, पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई।

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कोरोना वाइरस के बारे में

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