कृषि उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा सब्सिडी का लाभ, सस्ती बिजली पर भी संकट के बादल

News Desk

भोपाल
प्रदेश में बड़े किसानों ने अलग-अलग खेतों पर सिंचाई करने के लिए एक से अधिक बिजली कनेक्शन ले रखे है। सभी कनेक्शनों पर वे सरकार से सब्सिडी का लाभ ले रहे है। अब सरकार इस सब्सिडी को केवल एक कनेक्शन तक सीमित करने की तैयारी में है। इसके लिए कृषि उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों को आधार या खसरे से जोड़ने की तैयारी है ताकि एक किसान को एक से अधिक बार सब्सिडी का फायदा नहीं मिल सके। इससे सरकारी खजाने में 1771 करोड़ रुपए की सालाना बचत हो सकेगी। वहीं घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सौ रुपए में सौ यूनिट मासिक बिजली बिल की राशि भी बढ़ाई जा सकती है।

प्रदेश में कृषि ओर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी से सरकारी खजाने पर हर साल करोड़ों रुपए का वित्तीय भार बढ़ रहा है। इसलिए सब्सिडी पर आ रहे बोझ को कम करने अब सरकार इन योजनाओं के मौजूदा स्वरूप को बदलने की तैयारी में है। इसका सीधा असर इन दोनो वर्गों पर पड़ेगा।

पायलट के तौर पर शुरू की गई बिजली सब्सिडी डीबीटी योजना के कार्यान्वयन के दौरान यह खुलासा हुआ कि कई उपभोक्ताओं के नाम पर दो या अधिक कनेक्शन है। इस प्रकार राज्य के अनेक उपभोक्ता कई कनेक्शनों पर सब्सिडी का लाभ ले रहे है। विदिशा जिले में कुल 40 हजार 126 कनेक्शन है। इसमें एक से अधिक कनेक्शन वाले आधार कार्डो की संख्या 3397 है। इन आधार कार्डों पर 8360 कनेक्शन है। झाबुआ में 3785 आधार कार्डों पर 8061 कनेक्शन है। सिवनी में 6621 आधार कार्डो पर 14627 कनेक्शन है।

वर्तमान में सभी कनेक्शनों पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार अब कृषि उपभोक्ताओं के कनेक्शनों को  आधार या खसरे से जोड़ने की तैयारी मेंं है। इससे एक किसान के एक ही कनेक्शन पर सब्सिडी का लाभ मिल पाएगा। यदि ऐसा होता है तो पूरे प्रदेश में ऐसे दोहरे कनेक्शनों पर दी जा रही सब्सिडी बंद होगी और सरकार को 1771 करोड़ रुपए की बचत हो सकेगी।

राज्य सरकार सब्सिडी के खर्च में कटौती के लिए सब्सिडी की राशि को सीमित करने पर भी विचार कर रही है। इसमें पांच हार्सपावर तक के किसानो के लिए वर्तमान सब्सिडी योजना को यथावत रखने और पांच हार्सपावर से उपर के किसानों के लिए सब्सिडी की राशि पचास हजार रुपए प्रति वर्ष तक सीमित की जा सकती है।

वर्तमान में सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को हर माह डेढ़ सौ यूनिट तक बिजली खपत पर प्रथम सौ यूनिट बिजली सौ रुपए में मिल रही है। इस पर सब्सिडी के रुप में सरकार पर हर साल 5081 करोड़ रुपए का बोझ आ रहा है। इसलिए इस योजना में बदलाव कर पहले सौ यूनिट की राशि बढ़ाकर दो सौ रुपए करने या इसकी पात्रता में आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या कम करने की तैयारी है। आयकरदाताओं को इस योजना से बाहर किया जा सकता है।

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